दिवाली 2025 ने पूरे भारत को रोशनी और खुशी के रंगों में रंग दिया। करोड़ों भारतीयों ने इस प्रकाश पर्व को भक्ति और उल्लास के साथ मनाया। घरों, सड़कों और मंदिरों में दीपक जलाकर लोगों ने अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश दिया।
इस वर्ष कई शहरों में ईको-फ्रेंडली दीये और प्राकृतिक रंगों की सजावट को बढ़ावा दिया गया। “हरित दिवाली, स्वच्छ दिवाली” अभियान के तहत स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों ने लोगों को पटाखों से परहेज करने का संदेश दिया।
अयोध्या प्रशासन ने प्रयुक्त तेल और रूई की बातियों को पुनः उपयोग के लिए एकत्र करने की पहल भी की।
इस बार कई मंदिरों ने लाइव आरती स्ट्रीमिंग की सुविधा दी, जिससे विदेशों में बसे भारतीयों ने भी उत्सव का आनंद लिया।
साथ ही, ड्रोन कैमरों ने दीपोत्सव की भव्यता को आकाश से कैद किया, जिससे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर लाखों व्यूज़ मिले।
अयोध्या का ऐतिहासिक दीपोत्सव
उत्तर प्रदेश के अयोध्या शहर ने इस साल भी सबसे ज़्यादा ध्यान आकर्षित किया। भगवान श्रीराम के 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या आगमन की स्मृति में सरयू नदी के किनारे 26 लाख से अधिक दीपक जलाए गए — इससे पिछले वर्ष बना गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम रहा।
सरयू तट पूरी तरह जगमग हो उठा जब 2,100 से अधिक पुजारियों ने एक साथ पूजा-अर्चना की। मंत्रोच्चार से पूरा अयोध्या शहर गूंज उठा।
लाखों श्रद्धालु और हजारों स्वयंसेवक शामिल
स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने घरों व मंदिरों में दीप जलाकर उत्सव को विशेष बना दिया। लगभग 33,000 स्वयंसेवकों ने आयोजन में भाग लिया, जबकि 40 स्थानीय परिवारों ने मिलकर 16 लाख दीये तैयार किए। इस दौरान 73,000 लीटर तेल और 55 लाख रूई की बातियाँ उपयोग में ली गईं।
अयोध्या का दीपोत्सव अब अंतरराष्ट्रीय आकर्षण बन चुका है। दुनिया भर से आए पर्यटक इस ऐतिहासिक दृश्य के साक्षी बने। विदेशी मेहमानों ने भी पारंपरिक परिधान पहनकर उत्सव में भाग लिया।
राज्य सरकार ने आयोजन को सफल बनाने के लिए विशेष सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की थी।
दिवाली से बढ़ती अर्थव्यवस्था की रौनक
दिवाली का अर्थशास्त्र भी इस साल चर्चा में रहा। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, 2025 की दिवाली ने रिटेल सेक्टर में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की। मिठाइयाँ, कपड़े, सजावट, और इलेक्ट्रॉनिक सामानों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
भारत के कई शहरों में स्मार्ट मार्केट और डिजिटल पेमेंट ने खरीदारी को और भी आसान बना दिया।
त्योहार में तकनीकी नवाचार
इस बार कई मंदिरों ने लाइव आरती स्ट्रीमिंग की सुविधा दी, जिससे विदेशों में बसे भारतीयों ने भी उत्सव का आनंद लिया।
साथ ही, ड्रोन कैमरों ने दीपोत्सव की भव्यता को आकाश से कैद किया, जिससे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर लाखों व्यूज़ मिले।
देशभर में भक्ति और उमंग का माहौल
वाराणसी, जयपुर, अमृतसर, मुंबई, चेन्नई, और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी दीपों की जगमगाहट दिखी।
हर गली, हर मंदिर, हर घर में दीप जलाकर लोगों ने यह साबित कर दिया कि दिवाली केवल त्योहार नहीं, एक भावना है — “अंधकार से प्रकाश की ओर।”
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